Thursday, 3 November 2016
परंपरा के नाम पर पशुओं पर अत्याचार
परंपरा के नाम पर पशुओं पर अत्याचार
इंदौर। दीवाली के दूसरे दिन बड़ी ग्वालटोली क्षेत्र में गोवर्धन पूजा के दिन क्षेत्र के सैकड़ों पशु पालकों ने गोवर्धन पूजा व पर्परा के नाम पर अपने पशुओं को सजा कर ग्वाल चौक पर खतरनाक खेल खेला।
लाठी डंडों में चमड़े की खाल बांधकर यह पशुओं के पैरों के नीचे डाल कर इन्हें भड़का रहे थे। यह तेज आवाज वाले बमों को पशुओं के नीचे फोड़ रहे थे जिससे घबराकर पशु गिरते-पड़ते इधर-उधर भाग रहे थे। कई मर्तबा यह भीड़ में भी घुस गए। इनका मानना था कि यह इनकी पुरानी परंपरा है। लेकिन पशु प्रेमी इन्हें गलत मानकर पशुओं पर अत्याचार मानते हैं। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री समेत तमाम नेता शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना देख रहे हैं और प्रशासन ने भी शहर आवारा पशु मुक्त हो इसके लिए अपने प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यह पशु पालक गोवर्धन पूजा के दिन बैखौफ अपने पशु सड़कों व चौराहों पर लेकर आए जो सड़कों पर आवारा भी घूमते हैं जिन्हें पकड़कर गौशाला भी भिजवाया जा रहा है लेकिन कार्रवाई के दौरान पशुपालक दादागिरी कर अपने पशु छुड़ा लेते हैं। यही पशु इस दिन सजधज कर चौराहों पर नजर आए। तमाम पशु प्रेमी इसकी शिकायत मेनका गांधी को करने जा रहे हैं।
इंदौर। दीवाली के दूसरे दिन बड़ी ग्वालटोली क्षेत्र में गोवर्धन पूजा के दिन क्षेत्र के सैकड़ों पशु पालकों ने गोवर्धन पूजा व पर्परा के नाम पर अपने पशुओं को सजा कर ग्वाल चौक पर खतरनाक खेल खेला।
लाठी डंडों में चमड़े की खाल बांधकर यह पशुओं के पैरों के नीचे डाल कर इन्हें भड़का रहे थे। यह तेज आवाज वाले बमों को पशुओं के नीचे फोड़ रहे थे जिससे घबराकर पशु गिरते-पड़ते इधर-उधर भाग रहे थे। कई मर्तबा यह भीड़ में भी घुस गए। इनका मानना था कि यह इनकी पुरानी परंपरा है। लेकिन पशु प्रेमी इन्हें गलत मानकर पशुओं पर अत्याचार मानते हैं। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री समेत तमाम नेता शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना देख रहे हैं और प्रशासन ने भी शहर आवारा पशु मुक्त हो इसके लिए अपने प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यह पशु पालक गोवर्धन पूजा के दिन बैखौफ अपने पशु सड़कों व चौराहों पर लेकर आए जो सड़कों पर आवारा भी घूमते हैं जिन्हें पकड़कर गौशाला भी भिजवाया जा रहा है लेकिन कार्रवाई के दौरान पशुपालक दादागिरी कर अपने पशु छुड़ा लेते हैं। यही पशु इस दिन सजधज कर चौराहों पर नजर आए। तमाम पशु प्रेमी इसकी शिकायत मेनका गांधी को करने जा रहे हैं।
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